पूरा धंधा एक कॉपी में क़ैद है।
एक गिलास पानी गिरा, एक पन्ना फटा — पूरे महीने की डिलीवरी ग़ायब। और वैसे भी आपका बही-खाता आपके सिवा कोई पढ़ नहीं सकता।
बही-खाताअसली रूटों पर बना — 20 साल के धंधे का तजुर्बा
कागज़ का रजिस्टर, महीने के आख़िर की बिल-मैराथन और उधारी के चक्कर — सबकी छुट्टी। पानी, दूध और हर उस धंधे के लिए जो रोज़ घर-घर डिलीवरी करता है।
बात करना पसंद है? कॉल करें +91 95416 61127
रोज़ का रजिस्टर — सीधे असली रूट से
जाना-पहचाना लगता है?
हमें हर डेली-सप्लाई मालिक यही आठ लड़ाइयाँ लड़ता मिला — एक कॉपी, एक कैलकुलेटर और सिर्फ़ याददाश्त के भरोसे।
एक गिलास पानी गिरा, एक पन्ना फटा — पूरे महीने की डिलीवरी ग़ायब। और वैसे भी आपका बही-खाता आपके सिवा कोई पढ़ नहीं सकता।
बही-खाताहर घर × हर रेट × 30 दिन, सब हाथ से। और इतना करने के बाद भी ग्राहक टोटल पर बहस करते हैं।
हिसाब-किताबसप्लाई कॉपी में, उधारी दिमाग़ में, हाज़िरी दीवार के कैलेंडर पर, बिल फोटोकॉपी की दुकान से। चार सिस्टम — आपस में कोई बात नहीं करता।
चार जगह कामबिना बहीखाते के आपकी बात बनाम उनकी बात — उन्हीं के दरवाज़े पर, उन्हीं के परिवार के सामने। नुकसान या तो पैसे का, या ग्राहक का।
“मैंने तो दे दिया था”जग एक-एक घर करके खिसकते रहते हैं। पता तब चलता है जब गोदाम खाली दिखता है — और तब तक अच्छा-ख़ासा पैसा जा चुका होता है।
गुम हुए जगवसूली याददाश्त पर चलती है। जिन पर सबसे ज़्यादा बाक़ी है, वही सबसे पहले भूले जाते हैं — और उन्हें यह पता है।
उधारीड्राइवर कुछ लिखता नहीं, तो आप जाँचोगे क्या? हर झगड़ा उसकी याददाश्त बनाम ग्राहक की याददाश्त बन जाता है।
कौन ज़िम्मेदार?मार्च का ₹500 का एडवांस जून में झगड़ा बन जाता है। अच्छे लोग ख़राब हिसाब की वजह से छोड़ जाते हैं।
पगार का हिसाबरजिस्टर, बिल, वसूली, जग, स्टाफ़ और ग्राहक — सबके लिए एक app। उसी फ़ोन पर, जो आपके पास पहले से है।
कैसे चलता है
रूट पर
आपकी कुर्सी से
उनके घर पर
और इसके इर्द-गिर्द सब कुछ
हर जग का हिसाब: गोदाम में, ग्राहक के पास या गुम। डिपॉज़िट होल्डिंग के सामने दर्ज।
हाज़िरी का कैलेंडर, एडवांस, और पगार का गणित साफ़ शब्दों में — कोई झगड़ा नहीं।
एडवांस, डिपॉज़िट, डिलीवरी और जग की वापसी — एक ही जगह पूरा रिकॉर्ड।
हर मार्क, हर पेमेंट, हर बदलाव पर नाम और समय दर्ज। भरोसा भी, सबूत भी।
पूरा महीना एक स्क्रीन पर — हर ग्राहक, हर दिन; किसी भी खाने पर टैप कर सुधारें।
ग्राहक UPI से देकर बताते हैं; आपकी मंज़ूरी के बिना हिसाब में कुछ नहीं चढ़ता।
हर स्क्रीन, दोनों भाषाएँ, जब चाहें बदलें। स्टाफ़ अपनी भाषा ख़ुद चुनता है।
पानी और डेयरी दोनों चलाते हैं? दो टैप में धंधा बदलें।
मालिक भरोसा क्यों करते हैं
हर रुपया एक पक्की एंट्री है। सुधार नई एंट्री से होता है — पुरानी हमेशा दिखती रहती है।
रोल्स सर्वर पर लागू होते हैं, सिर्फ़ app में छिपाए नहीं जाते। ड्राइवर आपकी पैसे वाली स्क्रीन खोल ही नहीं सकता।
किसने मार्क किया, किसने वसूला, किसने बदला, कितने बजे — ऑडिट लॉग सब याद रखता है, ताकि आपको न रखना पड़े।
न कंप्यूटर चाहिए, न ट्रेनिंग की किताब। आम Android फ़ोन और आम नेटवर्क के लिए हल्का बनाया गया है।
ईमानदार तुलना
लेजर app दुकानदारों के लिए बने हैं। उन्हें रूट, जग या महीने की बिलिंग का कुछ पता नहीं।
| कागज़ का रजिस्टर | खाता app | Routebook | |
|---|---|---|---|
| रोज़ का रूट रजिस्टर, डिलीवरी के क्रम में | ~ थोड़ा | नहीं | हाँ |
| महीने के बिल अपने-आप बनते हैं | नहीं | नहीं | हाँ |
| जग और डिपॉज़िट का हिसाब | ~ थोड़ा | नहीं | हाँ |
| ड्राइवर की जवाबदेही — लॉक दिन, ऑडिट लॉग | नहीं | नहीं | हाँ |
| ग्राहक app: बाक़ी, UPI, डिलीवरी रोकना | नहीं | नहीं | हाँ |
| स्टाफ़ की हाज़िरी और पगार का गणित | ~ थोड़ा | नहीं | हाँ |
| न पानी गिरने का डर, न पन्ना फटने का | नहीं | हाँ | हाँ |
सीधी-सादी कीमत
नमूना कीमत — पक्का प्लान डेमो कॉल पर आपके साथ तय होता है।
100 ग्राहकों तक
₹999 /महीना
500 ग्राहकों तक
₹1,999 /महीना
500+ ग्राहक या कई धंधे
बात करते हैं
शुरुआत कैसे होगी
या कॉल करें। अपने धंधे के बारे में बताएँ — क्या बेचते हैं, कितने रूट, कितने ग्राहक।
रूट, रेट और ग्राहकों की लिस्ट एक कॉल पर साथ-साथ चढ़ती है। अकेले कुछ नहीं टाइप करना।
ड्राइवर सुबह का रूट app में मार्क करता है। ज़्यादातर मालिक फिर कभी कॉपी नहीं खोलते।
मालिकों के सवाल
हाँ — Routebook उसी Android फ़ोन के लिए बना है जो आपकी जेब में पहले से है। न कोई कंप्यूटर वाला वर्ज़न सीखना है, न कोई मशीन ख़रीदनी है।
ड्राइवर की स्क्रीन बस एक लिस्ट है — उसी क्रम में जिसमें रूट चलता है, हर घर का रोज़ का ऑर्डर पहले से भरा हुआ। डिलीवरी मार्क करना दो टैप का काम है। WhatsApp चला लेता है, तो यह भी चला लेगा।
हर एक स्क्रीन हिन्दी और English दोनों में चलती है। हर आदमी अपनी भाषा ख़ुद चुनता है और जब चाहे बदल सकता है।
दोनों मिलकर उसका खाता खोलिए: हर बिल, हर पेमेंट, तारीख़ और नाम के साथ। ग्राहक अपने app से भी पेमेंट बता सकते हैं — आपकी मंज़ूरी के बिना कुछ नहीं चढ़ता, और चढ़ने के बाद चुपचाप बदला नहीं जा सकता।
Routebook आम भारतीय नेटवर्क के लिए हल्का बना है — सिग्नल गिरे तो भी आपकी लिस्टें पढ़ने लायक़ रहती हैं। पैसे की एंट्री सेव करने के लिए बेसिक डेटा चाहिए, ताकि हिसाब कभी आधा-अधूरा न लिखा जाए।
हमें WhatsApp पर मैसेज करें। आपका धंधा, रूट और ग्राहकों की लिस्ट हम आपके साथ बैठकर चढ़ाते हैं — ज़्यादातर मालिक अगली ही सुबह पहला रूट app से चला लेते हैं।
धंधे को वहाँ ले चलिए जहाँ न पानी गिर सकता है, न पन्ना फट सकता है, न कुछ भूलता है। डेमो फ्री है — WhatsApp पर बस 15 मिनट।